आज भारत का 75वां स्वतंत्रता दिवस या 76वां? दूर करें हर कन्फ्यूजन

आज भारत का 75वां स्वतंत्रता दिवस या 76वां? – देश में स्वतंत्रता के 75 साल पूरे होने पर कई कार्यक्रम हो रहे हैं और 75वीं वर्षगांठ की चर्चा भी हो रही है, इसलिए यह कन्फ्यूजन खड़ा हो गया है। यह आजादी की 75वीं वर्षगांठ है और 76वां स्वतंत्रता दिवस।

National Story Its India 75th Independence Day or 76th Know Everything About 15 August 2022
National Story Its India 75th Independence Day or 76th Know Everything About 15 August 2022

15 अगस्त 1947 को भारत अंग्रेजों की गुलामी की जंजीरों को तोड़कर आजाद हुआ। उस स्वतंत्रता के लिए लाखों-करोड़ों लोगों ने अपना बलिदान दिया। आज साल 2022 में जब देश स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ पर ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ मना रहा है तो लोगों के मन में एक कन्फ्यूजन भी है। यह कन्फ्यूजन है इस बात को लेकर कि आखिर यह कौन सा स्वतंत्रता दिवस है, 75वां या 76वां?

दरअसल इस तरह का कन्फ्यूजन सामान्य तौर पर होता नहीं है लेकिन चूंकि देश में स्वतंत्रता के 75 साल पूरे होने पर कई कार्यक्रम हो रहे हैं और 75वीं वर्षगांठ की चर्चा भी हो रही है, इसलिए यह कन्फ्यूजन खड़ा हो गया है। आपके इसी कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए हम आपको विस्तार से जानकारी दे रहे हैं।

ऐसे समझें पूरा गणित

देश ने 15 अगस्त 1947 को पहला स्वतंत्रता दिवस मनाया,  यानी 15 अगस्त 1948 को जब आजादी का एक साल पूरा हुआ, तब देश ने दूसरा स्वतंत्रता दिवस मनाया। इसी तरह से 1956 में 10वां, 1966 में 20वां, 1996 में 50वां, 2016 में 70वां और 2021 में 75वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। इसी लिहाज से 2022 में देश अपना 76वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है।

दिल्ली से कश्मीर तक कड़ी सुरक्षा

आपको बता दें कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारत को न सिर्फ तिरंगे से सजाया जा रहा है, बल्कि दिल्ली से लेकर जम्मू कश्मीर तक सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य कार्यक्रम होगा और यहां लाल किले के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। वहीं सभी राज्यों में पुलिस तंत्र को सतर्क कर दिया गया है, ताकि समारोहों में किसी भी तरह की बाधा न आए। 

लाल किले का इलाका ‘नो काइट जोन’

दिल्ली में लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र को संबोधित करेंगे। दिल्ली पुलिस ने लाल किले के आसपास 10,000 से ज्यादा कर्मियों को तैनात किया है। लाल किले पर प्रवेश द्वारों पर चेहरे से पहचान करने वाली प्रणाली युक्त कैमरों से लेकर बहु स्तरीय सुरक्षा की व्यवस्था की गई है। साथ में किले के आसपास के इलाकों में इमारतों की छतों पर और संवेदनशील स्थानों पर 400 से ज्यादा पतंगबाज़ों और पतंग पकड़ने वालों को तैनात किया गया है। इसके अलावा लाल किले के पांच किलोमीटर के इलाके को समारोह समाप्त होने तक ‘नो काइट ज़ोन’ (पतंग उड़ाने पर रोक) क्षेत्र घोषित किया गया है।

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